Tuesday, August 23, 2011

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चिट्ठी में अन्ना को क्या लिखा ?


पिछले कुछ दिनों से मुझे आपके स्वास्थ्य की चिंता होने लगी है. सरकार और आपकी टीम के बीच चल रहे गतिरोध के बावजूद हमारी ओर से आपके स्वास्थ्य की चिंता की बेहद फिक्र है और लंबे अनशन की वजह से इसपर कोई मतभेद नहीं है.

मुझे यह कहते हुए कोई संकोच नहीं हो रहा कि हमें देश की सेवा में आपके विचार और कर्म की जरूरत है. इसके लिए आप स्वस्थ शारीरिक हालात में रहें न कि आपके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो.

मैंने हमेशा ही कहा है कि हमारा और आपका उद्येश्य एक ही है. अगर हम भ्रष्टाचार को पूरी तरह जड़ से नहीं भी उखाड़ सके तो इसको एक हद तक समाप्त करना चाहते हैं.

हम दोनों एक ही राह पर हैं बस तरीका अलग है. मैं समझता हूं कि हमारे बीच जो मतभेद है उसे बढ़ाचढा कर पेश किया गया है. सरकार एक संवैधानिक लोकपाल बिल लाना चाहती है. इस पर वो सिविल सोसाइटी के सदस्यों से भी सहयोग चाहती है और एकमत बनाने पर जोर देती है.

हम किसी से भी बात करने को तैयार हैं. हालांकि कानून बनाने के दौरान हम संसद की गरिमा और संवैधानिक कर्तव्यों को बनाये रखने को कृतसंकल्प हैं.

एक जिम्मेदार सरकार के रूप में हम देश की संसद व देश की जनता के मत का सम्मान करते हैं.

जैसा कि आप जानते हैं कि लोकपाल बिल संसद की स्टैंडिंग कमेटी के पास जा चुकी है. हम पहले भी कह चुके हैं कि स्टैंडिंग कमेटी के पास सारे विकल्प मौजूद है. इसमें कोई शक नहीं है कि वो इसके सभी परिच्छेद (क्लॉज) पर पूरी तरह विचार करेगी. इतना ही नहीं स्टैंडिंग कमेटी अपने विवेक से हमारे द्वारा भेजे गए बिल के साथ आपके और अरूणा रॉय जैसे भेजी गई बिलों पर भी विचार करेगी. स्टैंडिंग कमेटी सरकार द्वारा भेजे गए लोकपाल बिल में कोई भी परिवर्तन करने के लिए पूरी तरह से अधिकार प्राप्त है. इसके साथ ही सरकार द्वारा जनलोकपाल बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास नहीं भेजे जाने पर उपजे विवाद का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा.

फिर भी आपकी टीम के द्वारा लगातार कहे जाने और आपके गिरते स्वास्थ्य के आलोक में हम स्टैंडिंग कमेटी के पास जनलोकपाल बिल को रखने के लिए लोकसभा के अध्यक्ष से आग्रह करेंगे. इतना ही नहीं, अगर आप समयसीमा और इसकी रफ्तार की बात करेंगे तो हम स्टैंडिंग कमेटी से इस पर तेजी से कार्रवाई करने का आग्रह भी करेंगे.

मैं आपसे कहना चाहता हूं कि इस पत्र में लिखीं सभी बातें आपके स्वास्थ्य और एक मजबूत लोकपाल बिल को लेकर है.

मैं उम्मीद करता हूं कि आप मेरे द्वारा दिए गये सुझावों पर ध्यान देंगे और अपने अनशन को समाप्त करेंगे जिससे आपका स्वास्थ्य में सुधार हो और नई प्राणशक्ति मिले.

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