जब अस्पतालों में बैड कम पड जाऐंगे, जब लोग बिना इलाज के मरने लगेंगे, तब लोकड़ौन लगाने का क्या फायदा होगा?
क्या ये प्राइवेट अस्पताल किसी आम इंसान का इलाज मुफ्त में करेंगे? क्या सरकार इन 5 स्टार अस्पतालों के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती है ?
सालाना हज़ारों करोड़ के एलोकशन्स के बावजूद हमारे सरकारी अस्प्ताल, इन प्राइवेट दुकानों के सामने बौने क्यों साबित होते हैं?
क्या इन प्राइवेट अस्पतालों को इस पेंडेमिक के दौरान, एसेंशियल सर्विसेज एक्ट के तहत, लोगों का नो प्रॉफिट नो लोस पर इलाज करने का आर्डर नहीं दिया जा सकता?
बसों और मेट्रो में भीड़ कम करना तो ठीक है, लेकिन अगर दिल्ली के बाज़ारों में भीड़ कम नहीं होगी तो कोरोना कैसे रुकेगा?
Cases are rising and will create huge pressure on the infrastructure. Isolation facilities along with Oxygen must be arranged at various Banquet halls, under the supervision of Doctors, at Rs 500 to Rs 1000 per day, to ease the pressure.
The situation may worsen & may go out of control in the next few days. Please take it very seriously. RWAs are always there to help & support you at this crucial juncture.
B S Vohra
President
East Delhi RWAs Joint Front
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