Wednesday, August 8, 2012

Where is poor ?????





























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New friendship !


केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

Arvind Kejriwal
अरविंद केजरीवाल
प्रेमदेव शर्मा
मेरठ।।
यहां की एक अदालत में अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज करने वाले स्थानीय शिक्षक हरीशवीर का आरोप है कि राजनैतिक पार्टी नहीं बनाने और किसी राजनैतिक पार्टी में शामिल नहीं होने के अपने वायदे से अरविंद केजरीवाल मुकर गए हैं।

मेरठ के सिविल लाइन निवासी पेशे से प्रवक्ता हरीशवीर ने मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट नंबर पांच की अदालत में कौशाम्बी निवासी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ याचिका दायर की है।

उन्होंने बताया कि केजरीवाल के आंदोलन पर विश्वास करके वह शुरू से ही उनके आंदोलन से जुड़े थे, लेकिन पिछले दिनों अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल द्वारा राजनीति में आने की घोषणा से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे धोखाधड़ी है।


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पूर्वी दिल्ली नगर निगम के १०० दिन - जनापेक्षाओं पर खरा उतरने का सकारात्मक प्रयास

8 अगस्त २०१२ पूर्वी दिल्ली नगर निगम

आज पूर्वी दिल्ली नगर निगम को १०० दिन सम्पूर्ण हो रहे है. ये १०० दिनों में जहाँ एक और भविष्य की गंभीर चुनौतियों का अहसास हुआ है वही दूसरी और एक संतुष्टि भी है की नए नगर निगम की स्थापना के इन शुरुआती दिनों में हमने जनाकांक्षाओं और जनापेक्षाओं पर खरा उतरने का एक सकारात्मक प्रयास किया है.

इस अवसर पर मै धन्यवाद देना चाहूंगी हमारे समर्पित एवं कर्मठ निगम पार्षदों का जिन्होंने चुने जाने के तुरंत बाद सीधे जनता के बीच में जाकर काम करना आरम्भ किया, हमारे स्थायी समिति व अन्य समितियों के अध्यक्षों व सदस्यों का जिन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद समितियों की जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम देना शुरू किया, हमारे निगम के कर्मचारियों का जो विषम परिस्थितियों में भी जनसेवा में संलंग है व निगम के आयुक्त सहित सभी अधिकारीयों का जिन्होंने निगम को सुचारू रूप में लाने की दिशा में निरंतर प्रयास किया.

साथ ही धन्यवाद देना चाहूंगी मीडिया के साथियों का जिन्होंने पिच्च्ले सौ दिनों के दौरान रात दिन निगम की समस्याओं व जनता की भावनाओ को प्रकट करने की अपनी जिम्मेदारी को ना केवल बखूबी निभाया है वही हमारी कमियों से हमें आगाह भी किया है तथा अच्छे प्रयासों में हमारा साथ देकर मनोबल बढ़ाने का सकारात्मक कार्य भी किया है.

पिछले १०० दिनों में किये गए कार्यो पर अगर नज़र डाले तो कुछ विशिष्ट प्रयास इस प्रकार रहे: -

नए नगर निगम के कामकाज को तेजी से पटरी पर लाये, चाहे निगम कार्यालय की व्यवस्था सृदुढ़ करने की बात हो या अधिकारियों की व्यवस्था की, १०० दिनों के भीतर टेंट में कार्यालय लगाने की परिस्थिति से निगम को एक सुचारू व्यस्था प्रदान करने का असंभव सा दिखने वाला कार्य पूर्वी दिल्ली नगर की टीम द्वारा कर दिखाया गया.

जबरदस्त आर्थिक संकट (ऐसी स्थिति जहाँ जरूरतमंदो को पेंशन तक समय पर दे पाना मुश्किल लग रहा था) व साधनों व संसाधनों की भारी कमी के बावजूद निगम पार्षदों की इक्छाशक्ति व निगम कर्चारियों व अधिकारियो की कर्मठता से जनापेक्षाओं पर खरा उतरने का यथासंभव प्रयास किया
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की विशिष्ट पहचान स्थापित की - इन १०० दिनों में महापौर व आयुक्त द्वारा नियमित दौरों व जनसंपर्क अभियान व निगम पार्षदों द्वारा "नगर निगम - आपके द्वार" की अवधारणा पर चलते हुए घर घर व गली गली जाकर जनता के मन में निगम के प्रति एक विश्वास की भावना को उत्पन्न करने में सफल रहे
जन भावनाओं का सम्मान करते हुए गौ पालन का समर्थन में प्रस्ताव पारित किया
पूर्वी दिल्ली के इतिहास में पहली बार एक एतिहासिक पहल करते हुए "सवा लाख पौधों के पौधारोपण" का वृहद् अभियान प्रारम्भ किया. हरित व विकसित नगर निगम की अपनी प्रतिबद्धता को कार्य के द्वारा साबित किया
महापौर द्वारा जनता से सीधे तौर पर जुड़े निगम के कार्यो जैसे डिस्पेंसरी, मिड डे मील, सामुदायिक सुविधाएँ, सफाई, अस्पताल प्रबंधन, इत्यादि के सीधा व आकस्मिक निरिक्षण द्वारा गुणवत्ता में सुधर की दिशा में अनूठी पहल
फेसबुक व ट्विटर के माध्यम से जनता एवं महापौर व निगम का सीधा संपर्क स्थापित किया
डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया. निगम के सभी वार्डो में इससे सम्बंधित कार्यक्रम आयोजित किये गए.
निगम के रिवेन्यु बढ़ने व नागरिको को सुविधाएँ देने हेतु विभिन्न स्थानों पर "संपत्ति कर" जमा करवाने के लिए केम्पो का आयोजन किया गया
गीता कालोनी के शमशान घाट के दौरे के पश्चात सुधार हेतु महापौर कोष से धन उपलब्ध करवाने की पहल
शिव विहार में वर्षो से जर्जर भवन में चल रहे प्राथमिक विद्यालय को स्थानांतरित करवाया व नए भवन निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त किया
कल्याण पूरी में निगम की डिस्पेंसरी के लिए बनाये गए भवन को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराया
RWA - RWC को निगम से जोड़ने की दिशा में पहल की, विभिन्न RWAs के प्रतिनिधियों से मुलाकात व उनकी भागीदारी से निर्णय लेने की कोशिश शुरू की .
वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास करते हुए " वर्षा जल संरक्षण" को भवन निर्माण का अभिन्न अंग बनाने की दिशा में ठोस शुरुआत की
केशव उद्यान वेलकम झील में गंदे पानी को ट्रीट करके सुन्दर झील में विकसित करने की सुन्दर परियोजना का शुभारम्भ किया गया
सोनिया विहार में ५२ कमरों के चार मंजिला नए प्राथमिक विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया प्रारम्भ
सोनिया विहार में डिस्पेंसरी हेतु भूमि की पहचान कर निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास
सोनिया विहार में लगभग १ करोड़ रूपये के कार्यो की टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत
सीलमपुर में नए सामुदायिक भवन को क्रियान्वित किया
पूर्वी दिल्ली में पार्किंग की सुविधा की दिशा में कार्य करते हुए ६ नयी पार्किंग स्थानों की पहचान का कार्य पूरा किया गया
पूर्वी दिल्ली में स्थित एक मात्र निगम अस्पताल स्वामी दयानंद अस्पताल के नियमित दौरों के द्वारा नए भवन में स्थानांतरित होने की प्रक्रिया को गति दी, नए भवन में आवश्यक स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई

सभी निगम पार्षदों द्वारा अपने अपने वार्ड स्तर पर भी इसी प्रकार के विभिन्न प्रयास किये जा रहे है.

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्थापना के प्रथम सौ दिनों के प्रयास एक अच्छी शुरुआत तो है पर अभी बहुत कुछ करना बाकि है. पूर्वी दिल्ली शेष दिल्ली की तुलना में विकास की दौड़ में पिछड़ा रह गया है, यहाँ विकास को समुचित रूप से शेष दिल्ली के समक्ष लाने के लिए जिस प्रकार के विशेष आर्थिक पैकेज व समर्थन की आवश्यकता है उसकी उपलब्धता तो दूर अभी तो न्यूनतम संसाधनों तक के आभाव का सामना करना पड़ रहा है.

पर हम प्रतिबद्ध है की तमाम रूकावटो व बाधाओं के बावजूद हम पूर्वी दिल्ली नगर निगम को ना केवल विकास के पथ पर आगे ले जायेंगे बल्कि साथ ही यहाँ पारदर्शिता व जन भागीदारी की अनूठी मिसाल देकर एक आदर्श नगर निगम के अपने सपने को पूरा करेंगे.

डॉ. अन्नपुर्णा मिश्रा
Mayor : East Delhi MCD

Tuesday, August 7, 2012

Letter to Anna ji


Letter to ANNA ji

I am surprised and shocked to read your decision of stopping the activities of Team Anna and disbanding the core committee which was formed to fight for jan lokpal. I am sure it must be a disappointment to many. A strong lokpal has been the need of the hour to control rampant corruption in the country. Your movement has brought this issue on center stage and forced the govt. to come out with the bill which is pending for enactment since more than four decades. UPA must have heaved a sigh of relief over your decision but not the right minded people in the country. It is true that none of the political parties wanted to have the bill on the lines proposed by you, yet your movement should have continued to keep all the decision makers under pressure to listen to will of the people. Your decision is going to fritter away all the steam you have generated till now.

Ever since grand success of your movement last year, your team had lost its focus. It became directionless. It changed its tracks by targeting 15 ministers of the UPA, attacked BJP - Narendra Modi, RSS and other political parties with the result you lost all the goodwill and support you got from them during your agitation in 2011. Now your team is considering, forming a political party and contesting election in 2014. Do you think you will be able to win substantial number of seats by fielding men of impeccable integrity and clean image so as to have your say in parliament?

You have also announced that you will neither form a political party nor contest elections but support candidature of those who are clean. Annaji agitation succeeded because of you and if you are not its part don’t expect any success. Moreover winning elections under the present electoral system is not easy. You know it well so does your team. I therefore am of the opinion please drop the idea of forming a political party without you or with you and contesting elections. Your USP is social and govt. reforms and you must pursue it wholeheartedly. You will have full support of young and middle class Indians throughout the country. We look towards you for reforming the present political system hence don’t disappoint us. 

Best wishes and regards
SATYENDRA MALIK

DERC puts focus back on solving consumers’ woes

Delhi’s power regulator DERC has finalised a number of measures to improve power distribution infrastructure in the city, which include appointment of independent consultants to check maintenance and upkeep by private companies.  To address consumers’ complaints on fast-running meters, the Delhi Electricity Regulatory Commission has also decided to recognise NABL accredited laboratories across the city to check accuracy of the meters. The certification by the National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories, which functions under the department of science and technology, is considered prestigious and DERC officials said testing of meters by independent laboratories will address consumers’ grievances. In another consumer-friendly initiative, DERC has decided to request the Delhi government to set up a consumer advocacy centre to provide legal help to those who want to pursue their complaints against private power distribution companies. The officials said the commission will soon bring out a handbook to educate consumers about the electricity sector and their rights. 

Reduce purchase cost In order to reduce power purchase costs, DERC has decided to persuade three distribution companies to install sophisticated load forecasting techniques to predict possible demand on their network in the course of a day so that power is not wasted. DERC will follow up with the discoms for maximising returns from sale of surplus power to bulk consumers in neighbouring states, officials said.

The commission plans to urge the Central Electricity Regulatory Commission to conduct cost audit of central generating stations so that power purchase cost of distribution companies are properly monitored and kept under control. Power purchase cost comprises 80 to 90 per cent of the cost of providing power at the retail level. As part of its effort to modernise the power sector, DERC will introduce a system under which tariff will be charged according to electricity consumption in peak and off-peak hours. The proposed mechanism — aimed at encouraging consumers to limit their power consumption in peak hours — is being introduced on a pilot basis. If implemented, Delhi will be the first state in the country to have such a metering system, which, experts said, will benefit everybody, including consumers. Power distribution companies often have to buy additional electricity from the market at very high cost to meet demand at peak hours from 6 pm to 11 pm.  The proposed system is being introduced to discourage commercial users from consuming more power during peak hours so that load shedding could be minimised in residential areas in peak summer months, when demand goes up substantially.

with thanks : Deccan Herald : LINK : for detailed news.

Wednesday, August 1, 2012

Happy Rakhi





























B S Vohra
East Delhi RWAs Joint Front
( A Federation of RWAs )
www.RWABhagidari.blogspot.in
www.RWABhagidari.com

जय हिंद ! जय हिंद ! जय हिंद ! जय हिंद ! जय हिंद !





























अरविन्द की तबियत लगातार खराब हो रही है !भीषण शुगर की बीमारी और भूख का आठंवा दिन! मंच के पास, जिस टीन के नीचे वो पड़ा है उस के तख्त के आस-पास पानी भर गया है ! आश्चर्य होता है कि क्या ये वही आदमी है जो कभी आई आई टी से पढ़ कर जोइंट कमिश्नर था इनकम टेक्स विभाग में ? ख़बर है की सरकार उसे आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर के आधी-रात उठाना चाहती है ! ये भी शक है की उसका हश्र भी जयप्रकाश नारायण वाले "






































सरकारी-इलाज़" फार्मूले से कर दिया जाए ! मुश्किल से उठ कर उस ने मंच पर आ कर कहा कि "सरकार समझ ले कि मैं बलिदान देने आया हूँ ,आत्महत्या करने नहीं !"....पर वो लड़ाई नहीं छोड़ेगा ! भारत के सभी "चर्चा-चक्रवर्ती " बुद्धिजीवी , इस निहायत प्रबल बेवकूफी के खिलाफ आमंत्रित हैं ...."ढोंग" , "नाटक" , "बी जे पी-संघ का हाथ ", "एन जी ओ का विदेशी एजेंडा " "प्रसिद्धि पाने का तरीका" आदि फेसबुकी विचार आमंत्रित हैं ! ऐसे पागलों को गालियाँ मिलनी ही चाहिए जो दूसरों के भविष्य के लिए अपनी ज़िन्दगी दांव पर लगाते हों ! जीवन में कितना सुख है ....मॉल हैं , फेसबुक है , फिल्म है , इश्क है , सैर-सपाटा है , ऑसम मौसम है और ये अजीब बेवकूफ हैं मार जुटे पड़े हैं सब का सुकून ख़राब करने !देश भर में अँधेरा है तो क्या हुआ ? सब ठीक हो जायेगा ,हो तो रहा है , बस सौ-दो सौ साल ही तो लूट पाएंगे ये सब नेता-वेता !चूँकि मुझे भी इस बेवकूफी की लाइलाज लत है ...सो उन सब महान चिंतको की घर से ही प्रेषित गालियाँ सादर स्वीकार ! जय हिंद !   


by : Dr Kumar Vishwas